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NRC Or CAB बिल ऐसे मौके पर लाने की जरूरत क्यों पड़ी ?

CAB/NRC बिल ऐसे मौके पर लाने की जरूरत क्यों पड़ी ?

1. रैली में भीड़ कम आने लगी थी।
2. वोट घटने लगे थे। राज्य फिसलने लगे थे।
3. बलात्कार बढ रहे थे।बदनाम हो रहें थे।
4. मंहगाई दिन रात बढ रही थी।
5.सरकारी संसाधन बेचने से छवि खराब हो गई।
6. बेरोजगारी चरम पर थी।
7. देश पिछड़ रहा था।
8. बैंक, सरकार सब लुट रहे थे।
9. उधोगपतियों ने पोल खोलना शुरू कर दिया था
10. गठबंधन साथी भाग रहे थे।
11, ईवीएम का भी विरोध होने लगा है।

डर-

1.जनता खुलकर विरोध में आ गई थी।
2. दिल्ली में कोई केजरीवाल के खिलाफ मुद्दा नहीं था
3. झारखंड में हार निश्चित थी।
4. आरक्षण लागू करना था, सर्वण मुसीबत बना बैठा था।
5. यदि 2 राज्य और हार जाते तो राज्यसभा में बहुमत खत्म था।
6. कांग्रेस की तरफ लोगों का मोह होने लगा था।
7. कालेज युनिवर्सिटी में पढे लिखे छात्र नेता उभरने लगे
8. भय , डर , रौब , दबदबा , दहशत , रुतबा सब का सब खत्म हो रहा था ।
9. देश में जगह जगह विरोध में 27 आंदोलन चल रहे थे
10. 2024 का सपना धुमिल होने लगा था।

वजह (गलती) हमारी।

1. हमने 15 लाख के लालच में खुद को धोखा दिया!
मिला क्या भुखमरी ??

2. बुलेट ट्रेन के नाम पर बेवकूफ बने!
हुआ क्या ?
जो भी पहले से था , उससे भी हाथ धो बैठे ट्रेनें बेचते जा रहे हैं?

3.विश्व गुरु के चक्कर में फंसे!
दुनिया में सबसे थर्ड क्लास बन बैठे?

4.हर साल 2 करोड़ रोजगार का लाभ!
हुआ क्या ?

7 करोड़ रोजगार छिनवा बैठे!

5. मेक इन इंडिया ख्वाब देखे!
हुआ क्या ?

हजारों उद्योग , फैक्ट्री इंडस्ट्री को बंद करवा कर गवाँ बैठे।

6. पैट्रोल डीजल सस्ता होगा!
हुआ क्या ?
दुगुना से ज्यादा टैक्स दे बैठे।

7.देशभक्त राष्ट्रवादी बनने चले थे!
हुआ क्या ?
देशद्रोही मुल्ले पाकिस्तानी कहलाने लगे।

8. पाकिस्तान को मिटाने के सपने देखा!
हुआ क्या ?
पाकिस्तान को भाई बनाकर विपक्ष को मिटाने लगे।

9.एक के बदले 10 सिर देखने चले थे!
हुआ क्या ?
कि अपने ही एक वोट से अपने ही देश के नागरिकों कि 10 लाशें देखने लगे।

10. अच्छे दिन देखने चले थे!
हुआ क्या ?
कि आज पुरे देश को जलते हुए देख रहे है।
मौत तांडव कर रही है और राक्षस खिलखिलाकर हंस रहे है।रक्षा करने वाले दौड़ा दौड़ा कर मार रहे है।
सफर में ,यात्रा में, शादी विवाह में, रोजगार की तलाश में, बिजनेस धंधे के सिलसिले, रिश्तेदारों में आने जाने वाले करोड़ों यात्री गण ट्रेन बस में पल पल डर घुट घुट मर रहे है।

नोट:-अगर हम लोग राष्ट्रहित छोड़कर इन राक्षसों की बातो में ना आते तो आज पुरा देश खुशहाली की सांस ले रहा होता।
साभार